पुलिस अपनी जिम्मेदारियोंं के प्रति कितनी गंभीर है इसका ताजा उदाहरण है इलाहाबाद की एक घटना। एक प्रेमी जोड़े को एकांत में बतियाते देख सिपाही से लेकर डीआईजी तक यह नहीं समझ सके कि उनकी क्या जिम्मेदारी है। यह बताने पर भी कि दोनों की सगाई हो चुकी है, कोई उन्हें बेइज्जत करने से बाज नहीं आया। वे थाने ले जाए गए। दोनों केपरिजन भी बुला लिए गए। परिजनों ने भी बताया कि उनकी सगाई हो चुकी है, जल्द ही शादी होने वाली है। इसकेबावजूद उन्हें आइंदा ऐसे न बतियाने की चेतावनी दी गई। इस मामले में मीडिया के लोग भी कम दोषी नहीं रहे। चटखारेदार खबर के चक्कर में उन्होंने ही पुलिस को फोन किया और प्रेमी जोड़े को सरेराह तमाशा बनवा दिया। इस मामले में अमर उजाला ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पुलिस और मीडियाकर्मियों दोनों की खिंचाई की। जिम्मेदारी से भरा उसका यह कदम सराहनीय है। पूरी खबर इस प्रकार है- पुलिस ने प्रेमी जोड़े का बनाया तमाशा
इलाहाबाद। इस शहर में पुलिस लूटमार और छेडख़ानी की घटनाएं भले न रोक पाए लेकिन अगर कहीं कोई प्रेमी जोड़ा एकांत में बतियाने बैठ जाए तो तुरंत हरकत में आ जाती है। प्रेमी जोड़ों को बेइज्जत करते हुए थाने ले जाने और वहां उनके प्रेम का तमाशा बनाने में पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ती। क्राइम कंट्रोल की बजाय जिले में खाकी वर्दीधारी मोरल पुलिसिंग पर ज्यादा ध्यान देते दिख रहे हैं। अफसर भी इस पर कुछ बोल नहीं रहे। सोमवार २८ जुलाई को भी शहर की पुलिस ने सगाई होने के बाद आज पार्क के बाहर कार में बातचीत करते एक जोड़े को शर्मशार कर डाला। पुलिस उन्हें थाने खींच ले गई। इस करतूत के लिए पुलिसवालों से ज्यादा दोषी रहे मीडिया के लोग।
मजाक बना दिया पुलिस ने
दोपहर बाद करीब चार बजे की बात है। चंद्रशेखर आजाद पार्क के बाहर कार में एक युवक और युवती बातचीत कर रहे थे। प्रेम संबंध था इसलिए वैसे ही एक-दूसरे से बर्ताव भी कर रहे थे। वहां से गुजर रहे दो प्रेस फोटोग्राफरों की उन पर नजर पड़ी तो उन्हें लगा कि ये तो चटखारेदार खबर बन सकती है। उन्होंने तुरंत कर्नलगंज पुलिस को फोन कर दिया और खड़े होकर फोटो खींचने लगे। लूटपाट की सूचना पर देर से पहुंचने वाली पुलिस भी कुछ ही पल में आ पहुंची। गश्ती चीता जिप्सी के साथ खुद इंस्पेक्टर कर्नलगंज आ धमके। यह जानते हुए भी कि कार के भीतर युवक-युवती हैं, पुलिस ने कार का दरवाजा इस ढंग से जबरन खोला मानो उसमें अपराधी बैठे हों। पुलिस उन्हें हड़काते हुए पूछताछ करने लगी। पुलिस की घेराबंदी देख वहां भीड़ लग गई। तब भी पुलिस बाज नहीं आई जिसकी वजह से सड़क पर जाम लग गया।
डीआईजी भी पहुंच गए
मानो इतना ही काफी नहीं था। डीआईजी चंद्रप्रकाश भी वहां पहुंच गए। माजरा समझने के बावजूद उन्होंने पुलिस को आदेश दिया कि प्रेमी युगल को थाने ले जाओ। जबकि वह उन दोनों को डांटकर घर भी भेज सकते थे।
थाने में पुलिसिया फटकार
पुलिस ने थाने ले जाकर पुलिसिया अंदाज में पूछताछ शुरू की। पुलिस की डांट-फटकार पर युवती घबराकर रोने लगी। उसने बताया कि वह एक कंपनी में सर्विस करती है और इस लड़के से उसका ब्याह होने वाला है। दोनों मंगेतर हैं और आज यूं ही मुलाकात करने निकले थे। तब भी पुलिस ने युवती से फोन कराकर उसकी बहन को बुला लिया। युवक के भी घरवाले आए और कहा कि उन दोनों की शादी होने वाली है। इसके बाद पुलिस ने दोनों को यह चेतावनी देकर छोड़ा कि अब कभी ऐसे मिलना-जुलना नहीं। इस दौरान थाने में कई प्रेस फोटोग्राफर भी अपनी जिम्मेदारी भूलकर तमाशा का मजा लेते रहे। प्रेमी जोड़ों को बेइज्जत करने की यह कोई पहली घटना नहीं थी। दो रोज पहले भी पुलिस ने ऐसी ही हरकत की थी।
भाषा पर असंबद्ध फेसबुकी टिप्पणियाँ
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